Wednesday, 6 January 2016

उत्तर कोरिया के द्वारा हाइड्रोजन बम का परीक्षण


उत्तर कोरिया (North Korea) की सरकार ने 6 जनवरी को दावा किया कि उसने एक हाइड्रोजन बम का सफल परीक्षण कर लिया है। उसकी इस घोषणा के बाद विश्व के कई प्रमुख देशों ने अपनी आशंकाएं व्यक्त कीं। ऐसा इसलिए है क्योंकि हाइड्रोजन बम प्राय: परमाणु बम (Nuclear Bomb) के मुकाबले अधिक शक्तिशाली तथा घातक माना जाता है। इस घटनाक्रम के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने एक आपातकालीन बैठक आयोजित करने की घोषणा कर दी। यदि उत्तर कोरिया द्वारा परीक्षण किए जाने का यह दावा सही सिद्ध होता है तो यह संयुक्त राष्ट्र की व्यापक परीक्षण निषेध संधि (CTBT) का उल्लंघन मानी जायेगी। उल्लेखनीय है कि CTBT संधि वर्ष 1996 से परमाणु हथियारों के परीक्षण पर संपूर्ण प्रतिबन्ध को विश्व भर के 183 देशों की मान्यता प्राप्त सर्वप्रमुख संधि है। उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन (Kim Jong-un) ने दिसम्बर 2015 में दावा किया था कि उनके देश ने हाइड्रोजन बम को बनाने में सफलता हासिल कर ली है। उत्तर कोरिया ने परमाणु बम के परीक्षण के लिए वर्ष 2006, 2009 और 2013 में भूमिगत परीक्षण किए थे। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने उस पर तमाम आर्थिक तथा वाणिज्यिक प्रतिबन्ध लगाकर उसके परमाणु कार्यक्रम को बाधित करने का प्रयास किया है।

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